Saturday, May 10, 2014

हम शायद जीते ही इसलिए है

कुछ हालात एसे है, जिन्हें मैं बदल नहीं सकता
कुछ लोग ऐसे है, जो बदलना नहीं चाहते
मैं गर सोचूं भी कि ये वक़्त जल्दी गुज़र जाये
तो ये वक़्त भी कमबख्त एसा है, जो जल्द गुज़ारना नहीं चाहता....

कभी कभी लगता है कि काश हर चीज़ अपने हाथ में होती
हम चाहे दिन तो दिन और रात तो रात होती
पर शायद हर चीज़ इंसान के हाथ में आ जाती
तो ये ज़िन्दगी शायद, ज़िन्दगी न रह पाती

सोचो, कि तुम्हे पता लग जाये कि कल क्या होने वाला है
सोचो, कि तुमको पता लग जाये कि कोई तुम्हारे बारे में क्या सोचता है
सोचो, कि हर चीज़ तुम्हारे नियंत्रण में हो जाये
पर, गर एसा हो भी जाये तो ज़िन्दगी जीने का मज़ा क्या रह जाये

हम शायद जीते ही इसलिए है, कि हमें कल का पता नहीं
हम शायद जीते ही इसलिए है, कि हमें कुछ अच्छे की उम्मीद है
हम शायद जीते ही इसलिए है, कि हमने कुछ ख्वाब देखे है और
हम शायद जीते ही इसलिए है, कि हमें इनके पूरा होने की उम्मीद है.....