Tuesday, March 4, 2014

वो कौन शख्स होगा (Phobia of Social Media)

वो कौन शख्स होगा, जो फेसबुक पे न होगा,
यूँ मिलना जुलना भले कम हो जाए, पर ऑनलाइन ज़रूर होगा ||

दोस्तों को न जाने कब, दी होगी उसने ट्रीट
पर रात को देखना, ८-१० ज़रूर मिलेंगे ट्वीट ||

ये चिड़िया है सोशल मीडिया, जो फैलाये पंख बहुत ही तेज़
अब तो फ्रेंड्स के साथ पार्टी करने का भी कम हो गया क्रेज ||

रात भर जगा करे, कि किसको कितने मिले है लाइक (y)
और मुगालते में जिया करे कि मुझ पर ही है लाइमलाइट ||

मैं इन वेबसाइटो का विरोधी कतई नहीं, इनकी भी अपनी महत्ता है,
पर हमें इस आभासी दुनिया नहीं, यथार्थ के धरातल पर जीना है |
लाइक करो, ट्वीट करो, उससे कोई आफत नहीं
पर अपनों के साथ बिताये वक़्त का, जीवन में कोई विकल्प नहीं ||

Sunday, March 2, 2014

लोग कहते है

लोग कहते है मुझे मोहब्बत हो गई है ,
मैं कहता हूँ तुमसे कोई भूल हो गई है ||

वो कहते है मैं खामोश रहने लगा हूँ ,
मैं कहता हूँ यूँ ही जीने की आदत हो गई है ||

वो जानना चाहते है मेरी इस ख़ामोशी की वजह को ,
क्यूँ आज हर वजह बताने की ज़रूरत हो गई है ||

क्या किसी चेहते की चाहत को ही मोहब्बत कहते है ,
मुझे तो अपनी तन्हाई से ही मोहब्बत हो गई है ||