Thursday, October 2, 2014

बेवकूफ लड़के ही होते हैं

feelings सिर्फ लड़कियों के पास होती है
बुरा भी सिर्फ लड़कियों को लग सकता है
आजकल तो ये भी सोचने लगा हूँ मैं कि
दिल भी सिर्फ लड़कियों के पास होता है

हम एक मैसेज का जवाब न दे पाएं तो we are ignoring
वो हमारे कई मैसेज का जवाब न दें तो it’s normal
लड़कियों को भी जाने किस मिटटी से बनाया है इस खुदा ने
दिल को चुभने वाली बातें भी कितनी आसानी से कह दिया करती हैं

लोग समझते हैं कि लड़कियां बुद्धू होती है
कुछ भी कह लो मान जाएँगी
पर सच तो ये है वो लड़कों से ज़्यादा समझदार होती हैं
बेवकूफ लड़के ही होते हैं
कुछ मेरे और कुछ दोस्तों के अनुभवों से कह रहा हूँ
बेवकूफ लड़के ही होते हैं
Literally और honestly
बेवकूफ लड़के ही होते हैं
पागल लड़के ही होते हैं

बेवकूफ लड़के ही होते है जो किसी की यादों में अपनी नींदें ख़राब किया करते है
बेवकूफ लड़के ही होते है जो अपना काम छोड़ उनके काम को अपना धर्म मान लेते हैं
पागल लड़के ही होते है जो अपना सब कुछ दांव पे लगा दिया करते है
पर मज़े की बात तो ये है कि उन्हें इन बेवकूफियों में ही मज़ा आने लगता है
पागल कहीं के..... _ _ _ कहीं के....

क्यूंकि लडको के पास feelings कहाँ होती है
लड़के emotional थोड़े ही हो सकते है
उन्हें किसी बात का बुरा थोड़े ही लग सकता है
क्यूंकि उनके पास दिल ही कहाँ होता है
इन सब का copyright तो सिर्फ लड़कियों के पास होता है

(अपने दिल की भड़ास निकालनी थी, निकाल दी......पर अब भी बहुत कुछ बाकी है लेकिन अब अगर और लिखा तो सिर्फ गालियाँ ही निकलेंगी और उसके लिए इसे शब्द मैं निकाल नहीं सकता... क्यूंकि मुझे उम्मीद है कि वो भी शायद थोडा तो....अब वो खुद ही समझे तो बेहतर है... आप लोग अपना काम करो अब.... पढने के लिए शुक्रिया)

एक “पागल” लड़का.....

Some of the lines are especially inspired from friend’s life… I hope he understand.. J

Wednesday, September 3, 2014

Test Post for comment

Hello guys,

This is just a test post as I'm trying to add an anonymous comment section in my blogger.

Wednesday, July 16, 2014

कुछ

‘कुछ’ लोगों को लगता है कि हमें ‘कुछ’ हो गया है
‘कुछ’ लोग हमें शक की निगाहों से देखने लगे है
मैं गर सोचूँ कि बोलूँ ‘कुछ’ नहीं है
और गर है तो सोचूँ कि ये ‘कुछ’ क्या बला है?

कई सालों पहले सुना था गाना कि ‘कुछ’ कुछ होता है
आज समझ आता है कि ये ‘कुछ’ क्या होता है ||

‘कुछ’ तो है जो ये दुनियाँ खूबसूरत लगती है
‘कुछ’ तो है जो ये फिजायें रंगीन लगती है
‘कुछ’ तो है जो खुद को भूल जाने को जी करता है और
‘कुछ’ तो है जो तुझमे डूब जाने को जी करता है ||

‘कुछ’ तो है जो तेरे जाने की खबर रहती है मुझे
‘कुछ’ तो है जो तेरे आने की फिकर रहती है मुझे
तू लाख मुझे चिड़ा ले कि मुझे फर्क नहीं पढता
पर ये तो तू भी जानती है कि ‘कुछ’ न ‘कुछ’ तो ज़रूर है तेरे मेरे बीच में ||

सोचा था इस ‘कुछ’ के बारे में ‘कुछ’ न ‘कुछ’ तो ज़रूर लिखूँगा
पर अब लगता है लिखते ही चले जाओ अहसास ख़त्म नहीं होगा
कहने को तो बहुत है सोचता हूँ लिखूँ तो क्या लिखूँ
बस इतना कह सकता हूँ जो ‘कुछ’ भी है खूबसूरत है ||


उम्मीद है इस ‘कुछ’ के जरिये ‘कुछ’ तो ज़रूर सोचेगी तू मेरे बारे में.....

Friday, June 27, 2014

काश मोहब्बत से पेट भी भरा जाता

काश मोहब्बत से पेट भी भरा जाता
मैं तेरे लिए नौकरी वौकरी सब छोड़ देता

तू साथ चलने का वादा तो कर
तेरे लिए पूरी दुनियाँ का साथ छोड़ देता

दिन और रात अब छोटे लगने लगे है
काश मैं भगवान से कुछ वक़्त और मांग पाता

कईयों से मैं मिलता हूँ, कइयो से बात होती है
पर तुझसे hi-hello न हो तो ये दिन अब गुज़र न पाता

तू कहती है मेरे दिल में तेरे लिए कुछ भी नहीं है
पर मैं तो तेरे बिना कुछ सोच भी नहीं पाता

क्या पता उस खुदा ने तेरा और मेरा साथ लिखा भी है या नहीं
पर सच कहूं, मुझसे अब और इंतज़ार सहा नहीं जाता..........

Saturday, June 7, 2014

इस दुनिया में खुश कौन है

काश खुशियाँ भी किसी दुकान पे मिला करती
मैं भी अपने लिए सौ-दो सौ ग्राम ले आता

ज्यादा ले लूँ तो शायद हज़म न कर पाउँ
बस उनमे ही अपनी ज़िन्दगी ढूंढ लेता

इस दुनिया में खुश कौन है
वो जिसके पास दौलत है या
वो जिसके पास शोहरत है
वो जिसके पास नाम है या
वो जिसके पास कुछ नहीं है

सवाल आपसे है
जवाब खुद ही ढूंढें

Monday, June 2, 2014

तेरे "like" का मुझे इंतज़ार रहता है

Hi guys,
I thought that we all use social networking website to some extent and some are very addicted to it as well, so why not to share my thoughts on the same. I hope you will enjoy. Here we go.........

तेरे post का मुझे इंतज़ार रहता है
तेरे comments का मुझे इंतज़ार रहता है |
तू मुझे like करे या न करे पर
तेरे “like” का मुझे इंतज़ार रहता है ||

यूँ तो मैं कई tweet रोज़ किया करता हूँ
तू जाने इनको पढ़ा करती होगी या नहीं |
तू मुझे follow करे या न करे पर
तेरे follow करने का मुझे इंतज़ार रहता है ||

Whatsapp हो या Twitter
Youtube हो या Flickr |
हर घड़ी हर वक़्त
तेरे comments का मुझे इंतज़ार रहता है ||

whatsapp तो इस कदर ज़िन्दगी में शामिल हो चुका है
कि इसके बिना तो जीना नामुमकिन लगने लगा है |
नींद भी इतनी बदमाश हो गई है, क्या कहूं
कि इसे भी तेरे goodnight का इंतज़ार रहता है ||
..........हाँ इसे भी तेरे goodnight का इंतज़ार रहता है ||

Share your thoughts...:)

Saturday, May 10, 2014

हम शायद जीते ही इसलिए है

कुछ हालात एसे है, जिन्हें मैं बदल नहीं सकता
कुछ लोग ऐसे है, जो बदलना नहीं चाहते
मैं गर सोचूं भी कि ये वक़्त जल्दी गुज़र जाये
तो ये वक़्त भी कमबख्त एसा है, जो जल्द गुज़ारना नहीं चाहता....

कभी कभी लगता है कि काश हर चीज़ अपने हाथ में होती
हम चाहे दिन तो दिन और रात तो रात होती
पर शायद हर चीज़ इंसान के हाथ में आ जाती
तो ये ज़िन्दगी शायद, ज़िन्दगी न रह पाती

सोचो, कि तुम्हे पता लग जाये कि कल क्या होने वाला है
सोचो, कि तुमको पता लग जाये कि कोई तुम्हारे बारे में क्या सोचता है
सोचो, कि हर चीज़ तुम्हारे नियंत्रण में हो जाये
पर, गर एसा हो भी जाये तो ज़िन्दगी जीने का मज़ा क्या रह जाये

हम शायद जीते ही इसलिए है, कि हमें कल का पता नहीं
हम शायद जीते ही इसलिए है, कि हमें कुछ अच्छे की उम्मीद है
हम शायद जीते ही इसलिए है, कि हमने कुछ ख्वाब देखे है और
हम शायद जीते ही इसलिए है, कि हमें इनके पूरा होने की उम्मीद है.....

Thursday, April 10, 2014

अबकी बार मोदी सरकार

हमारे ऑफिस में हर 2nd Saturday की छुट्टी होती है लेकिन अक्सर ही कोई न कोई बहाना बनाकर उसे cancel कर दिया जाता है| आज इस पर कुछ लिखने का मन किया, वैसे भी आजकल दो लाइन बहुत चल रही है, एक तो ये कि “अबकी बार मोदी सरकार” और दूसरी “हर हाथ शक्ति, हर हाथ तरक्की”| राजनीति से इसका कोई भी लेना देना नहीं है, इसलिए कृपया दिल पे जोर न दे, ये सिर्फ मेरे ऑफिस के कुछ दोस्तों के मनोरंजन लिए है-

क्या 2nd Saturday की छुट्टी मिलेगी इस बार?
अबकी बार मोदी सरकार
कोई भी ताकत हमें छुट्टी लेने से रोक नहीं सकती
हर हाथ शक्ति, हर हाथ तरक्की

अब और न सहेंगे अत्याचार
अबकी बार मोदी सरकार
ये दुनियाँ हम पर इतने ज़ुल्म ढा नहीं सकती
हर हाथ शक्ति, हर हाथ तरक्की

क्यूँ मुँह पर ऊँगली रख लेते हम हर बार
अबकी बार मोदी सरकार

क्यूँ एसा व्यवहार होता है हर बार
अबकी बार मोदी सरकार

नहीं होने देंगे एसा दुराचार
अबकी बार मोदी सरकार

क्यूँ हमको समझ लेते ये लाचार
अबकी बार मोदी सरकार

पकड़ लो भाला और ले लो तलवार
अबकी बार मोदी सरकार

कसम लो नहीं आओगे इस शनिवार
अबकी बार मोदी सरकार

यदि पसंद आये तो अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर दें...

Saturday, April 5, 2014

Mere Sapno ki sawari hai lyrics (Spice Mobiile)

 स्पाइस का नया मोबाइल कैसा है, यह तो मुझे नहीं पता, लेकिन एक बात तो आप भी मानते होगे कि जो गाना विज्ञापन में आ रहा है, वह कितना बेहतरीन है| मुझे इस गाने के गीतकार और संगीतकार का तो बिलकुल भी पता नहीं किन्तु मैं उनका तह-ए-दिल से शुक्रियादा करना चाहता हूँ कि बहुत ही बढ़िया बोल है, उतना ही बढ़िया संगीत, उससे भी बढ़िया आवाज़ और बहुत ही खूबसूरत वीडियो| बहुत ही प्रेरित करने वाले बोल है “मैंने ढूंढी एक सवारी है, मेरी उड़न तश्तरी प्यारी है”| उम्मीद करते है कि फ़ोन भी अच्छा ही होगा| तो अब पेश है गीत के बोल-

सपनो को सैर कराना है,
उन्हें दूर गाँव ले जाना है
जहाँ पंछी भी न जाते हो,
उन्हें वो आकाश दिखाना है      
मैंने ढूंढी एक सवारी है-२
मेरी उड़न तश्तरी प्यारी है
मेरे सपनो की सवारी है (in slow motion)
मेरी उड़न तश्तरी प्यारी है (in slow motion)
मेरे सपनो की सवारी है (in slow motion)
मेरे सपनो की यारी है
मेरे सपनो की............

यदि आपको गीतकार, संगीतकार या गायक के बारे में थोडा भी पता हो तो हमसे साझा कीजियेगा.........

Tuesday, March 4, 2014

वो कौन शख्स होगा (Phobia of Social Media)

वो कौन शख्स होगा, जो फेसबुक पे न होगा,
यूँ मिलना जुलना भले कम हो जाए, पर ऑनलाइन ज़रूर होगा ||

दोस्तों को न जाने कब, दी होगी उसने ट्रीट
पर रात को देखना, ८-१० ज़रूर मिलेंगे ट्वीट ||

ये चिड़िया है सोशल मीडिया, जो फैलाये पंख बहुत ही तेज़
अब तो फ्रेंड्स के साथ पार्टी करने का भी कम हो गया क्रेज ||

रात भर जगा करे, कि किसको कितने मिले है लाइक (y)
और मुगालते में जिया करे कि मुझ पर ही है लाइमलाइट ||

मैं इन वेबसाइटो का विरोधी कतई नहीं, इनकी भी अपनी महत्ता है,
पर हमें इस आभासी दुनिया नहीं, यथार्थ के धरातल पर जीना है |
लाइक करो, ट्वीट करो, उससे कोई आफत नहीं
पर अपनों के साथ बिताये वक़्त का, जीवन में कोई विकल्प नहीं ||

Sunday, March 2, 2014

लोग कहते है

लोग कहते है मुझे मोहब्बत हो गई है ,
मैं कहता हूँ तुमसे कोई भूल हो गई है ||

वो कहते है मैं खामोश रहने लगा हूँ ,
मैं कहता हूँ यूँ ही जीने की आदत हो गई है ||

वो जानना चाहते है मेरी इस ख़ामोशी की वजह को ,
क्यूँ आज हर वजह बताने की ज़रूरत हो गई है ||

क्या किसी चेहते की चाहत को ही मोहब्बत कहते है ,
मुझे तो अपनी तन्हाई से ही मोहब्बत हो गई है ||

Saturday, February 8, 2014

इज़हार

तुझे खोने के डर से आज मैं इज़हार कर बैठा
क्या पता था बर्बादियों की तरफ कदम बड़ा बैठा

उम्मीद थी तेरी भी रज़ा ही होगी
पर जाने क्यूँ मैं ये नापाक भूल कर बैठा

कल तक जो दुनियाँ खुशियों से रंगीन थी
आज मैं ही दखो इसको वीरान कर बैठा

मुझे लगता था हम नयी शुरुआत करेंगे
पर आज मैं ही इस ख्वाब का क़त्ल कर बैठा

विनाशकाले विपरीत बुद्धि, सुना था बुजुर्गों से
पर आज देखो मैं भी इस पर अमल कर बैठा....

Friday, January 31, 2014

धुआं धुआं चहुँ ओर धुआं

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Wednesday, January 1, 2014

नव वर्ष २०१४ का स्वागत

नव वर्ष २०१४ का स्वागत-

कुछ लम्हे थे जिन्हें हम जीना चाहते थे
आज उन लम्हों को फिर से जीने को जी चाहता है

कुछ ख्वाब थे जिन्हें हम पूरा करना चाहते थे
डरते थे कि क्या कभी पा पायेंगे इन्हें या नहीं
आज फिर से उन ख़्वाबों के लिए मर मिटने को जी चाहता है

कई एसी ख्वाहिशें थी जिन्हें अपने सीने में दबा के रखा था
सोचते थे क्या कहेगी दुनियां इस ख्याल से भूल जाया करते थे
आज फिर से एक कदम बढ़ने को जी चाहता है

ये ज़िंदगी हमें कई बार इशारे करती है
ये हम ही है जो इन्हें नज़रंदाज़ किया करते है
आज इस ज़िंदगी को नए सिरे से देखने को जी चाहता है

वही दिन है वही रात है, वही सुबह है वही शाम है
कहने को कुछ भी नया नहीं है
लेकिन ज़रा आँख खोलकर तो देखो, नव वर्ष हमारे द्वार पर दस्तक देने को खड़ा है

तो आज हम प्रण ले कि भूलेंगे सारे ग़मो और शिकवों को
अपनी नाकामी को, अपनी पछतावे को
और कदम बढ़ायेंगे अपने अपने एक नया लक्ष्य पाने को
क्यूंकि ज़िन्दगी का गुज़र बसर तो हर कोई कर लेता है

पर आज इस ज़िन्दगी को फिर से जीने को जी चाहता है.........